Saturday, September 12, 2020

नवागत पुलिस अधीक्षक विजय ढुल के लिये बड़ी कठिन रहेगी जिले की पटरी पर लाना कानून व्यवस्था


अखलाक अहमद खान

लखीमपुर खीरी। जनपद खीरी की बिगड़ी कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में नाकाम रहे पुलिस अधीक्षक  सत्येंद्र कुमार पर आखिरकार गाज गिर ही गई। जबकि तत्कालीन क्षेत्राधिकारी पलिया कलां पर पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा की मौत के मामले में तलवार लटक रही है। पुलिस मुखिया सत्येंद्र कुमार सिंह को  लखनऊ मेें पीएसी की 35 वाहिनी का सेना नायक बनाया गया । जबकि सिद्धार्थनगर के पुलिस अधीक्षक विजय ढुल को लखीमपुर खीरी का एसपी बनाया गया है। बिजय ढुल  के जिले की कुर्षी संभालने के बाद देखना होगा, कि वह किस तरह विवेक व बुद्धि से  जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था को 

 संभालते हैं। नवागत एसपी को जिला खीरी की कानून व्यवस्था पर अंकुश लगाना कठिन  रहेगा। थाना सम्पूर्णा नगर के ग्राम त्रिकौलिया निवासी पूर्व विधायक की मौत के मामले में सीओ के खिलाफ चल रही मुहिम का सामना भी नए पुलिस अधीक्षक को करना पड़ेगा।  जिले में वैसे तो अपराधों का ग्राफ लंबा है। मगर सत्येंद्र कुमार सिंह के कुर्षी संभालते ही आपराधिक घटनाओं की बाढ़ आ गयी थी। गौरतलब हो 26 जुलाई 2020 को पुलिस मुखिया सत्येंद्र कुमार सिंह ने जिले का चार्ज संभाला था। दूसरे  दिन से अपराधों का ग्राफ बढ़ना शुरू हो गया। 14 अगस्त को ईसानगर क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी की हत्या कर दी गई। 24 अगस्त को थाना नीमगांव क्षेत्र में छात्रा की दुष्कर्म के बाद गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।03 सितंबर 2020 को थाना सिंगाही क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। 06 सितंबर 2020 को सम्पूर्णा नगर क्षेत्र में जमीन के विवाद में निघासन के पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा की विवाद के बाद अचानक मौत हो गयी थी। उक्त सभी घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झखझोर के रख दिया। इसके अलवा हत्यायें, लूट, छिनैती, चोरी जैसी तमाम हुयी घटनाओं ने जिले की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी । पूर्व विधायक की मौत के मामले में तत्कालीन सीओ पलिया पर अब भी तलवार लटक रही है।ज्ञात हो  26 जुलाई को एसपी सत्येंद्र कुमार ने जिले का चार्ज संभाला था। और 27 जुलाई को पत्रकार वार्ता की थी। पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी ने पत्रकारों से कहा था कि अपराध पर अंकुश लगाना उनकी पहली प्राथमिकता है। साथ ही यह भी कहा था कि  जिले में तीन से चार महीने से अधिक समय तक मैं नहीं टिकता हूँ ।

No comments:

Post a Comment

Please share your views

युवाओं को समाज और देश की उन्नति के लिए कार्य करना चाहिए : प्रो. सुधीर अवस्थी कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्...